rehmat.re रहमत (जुलाहा) की शायरी

ग़ज़ल ग़ज़ब गुमनाम ग़ाफ़िल या गहरा ग़म.

ग

ग़ज़ल ग़ज़ब गुमनाम ग़ाफ़िल या गहरा ग़म.
उरूज़ ज़वाल ख़्वाब ख़याल या फिर सितम.
सहर सहारा सेहरा साथी या सुर या सरगम.
लज़्ज़त ए हयात है तू या कहूँ अब्र ए करम.
धूप हवा छाँव बहार बारिश या बहती कलम.
शायरी सा मिज़ाज है तू और उफ़ ये बदलता मौसम.
– रहमत (जुलाहा)

#shayari #love #friendship #ghazal #gajab #gumnaam #gafil #gehra #urooz #jawaal #khwaab #khayal #sitam #seher #sahara #sehra #saathi #sur #sargam #lazzat #hawaat #abr #karam #dhoop #hawa #chhanw #bahaar #barish #kalam #mizaj

About the author

Add comment

Avatar photo By rehmat
rehmat.re रहमत (जुलाहा) की शायरी
Rehmat Ullah - रहमत (जुलाहा)