rehmat.re रहमत (जुलाहा) की शायरी

बहुत हुआ सालों साल टूटे फूटे दिल का टूटना रहमत.

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बहुत हुआ सालों साल टूटे फूटे दिल का टूटना रहमत.
दिल की धड़कन टूट जाए अब कोई ऐसा इल्ज़ाम दे.
– रहमत (जुलाहा)

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Rehmat Ullah - रहमत (जुलाहा)