rehmat.re रहमत (जुलाहा) की शायरी

मुक़म्मल हैं इसलिए लोगों ने किये इंतिज़ाम इतने हैं.

म

मुक़म्मल हैं इसलिए लोगों ने किये इंतिज़ाम इतने हैं.
आगे आगे देखिये कि हम पर लगने इल्ज़ाम कितने हैं.
– रहमत (जुलाहा)

#shyari #shayari #people #attitude

About the author

Add comment

Avatar photo By rehmat
rehmat.re रहमत (जुलाहा) की शायरी
Rehmat Ullah - रहमत (जुलाहा)