rehmat.re रहमत (जुलाहा) की शायरी

रहमत जहन्नम कितनी बुरी जगह है इस बात से मालूम हुआ.

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रहमत जहन्नम कितनी बुरी जगह है इस बात से मालूम हुआ.
फ़िरक़ा परस्तों को सब पे चढ़ कर जन्नत में जाना है.
– रहमत (जुलाहा)

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Rehmat Ullah - रहमत (जुलाहा)