rehmat.re रहमत (जुलाहा) की शायरी

मर गए जो तुम हमपे, तो इश्क़ की हसरत कैसे होगी.

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मर गए जो तुम हमपे, तो इश्क़ की हसरत कैसे होगी.
फूल दफ़न रहेगा दिल में, फूल की ज़ियारत कैसे होगी.
– रहमत (जुलाहा)

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Rehmat Ullah - रहमत (जुलाहा)