rehmat.re रहमत (जुलाहा) की शायरी

दौलत को ‘सलाम’ करता रहा एक ‘हकीम’ का ‘वसीम घर’.

द

दौलत को ‘सलाम’ करता रहा एक ‘हकीम’ का ‘वसीम घर’.
रहमत दवाएँ ख़ुद बीमार हो कर सुपुर्द ए ख़ाक होती रहीं.

– रहमत (जुलाहा)

‘वसीम’ – ख़ूबसूरती में अव्वल

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Rehmat Ullah - रहमत (जुलाहा)